जुड़ै जवान जोरवान

मा भारती की रक्षा में अहर्निश प्रण प्राण से समर्पित भारतीय सेना के तीनों अंगों के अभय जवानों को समर्पित मेरी कुछ पंक्तियां-

।।दूहा।।
बुआ वीर मग्ग व्योम रै, भोम लियां भुज भार।
उचर ओम नित अहरनिस, जीत कोम जयकार।।

हर-हर नै रट हरसता, तण भट भिड़वा त्यार।
उडिया वट आकाश री, झट वरवा जयकार।।

।।छंद – नाराच।।
मरट्ट धार खाय खार, आर पार उच्चरै।
बडी विचार ले उडार, व्योम वाट विच्चरै।
चँडी उचार बार बार, मार शत्रु मान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।1।।

घुरी विचाल़ वै श्रृगाल़, जाल़ में अल़ूझिया।
करी दकाल़ यूं लँकाल़, धीठ न्हाल़ धूजिया।
कराल़ रूप काल़ रा, सचाल़ जूप शान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।2।।

बजै हबीड़ बी’ड़ में, धमीड़ हिंद धाक रा।
गदीड़ दैण गाढ सूं, अड़ीड़ आय आकरा।
गबीड़ पाक गिंध नै, जबीड़ हाण जान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।3।।

उडी जहाज की अवाज, नाज हिंद पाण पे।
मही अग्राज यूं मिराज, बाज ज्यूं सिंचाण पे।
मिटांण खाज आज मोर, ऊतर्या अचान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।4।।

बिहाज जिन्न जिन्न रा, बदन्न घिन्न वापरी।
बताय भिन्न भिन्न नै ज, पिन्न पोट पापरी।
किया स छिन्न भिन्न कूट, खिन्न मन्न खान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।5।।

लगो जु डंक काल़जै, न बंक वीर वीसर्या।
अतंक अंक मेटवा, निशंक धीर नीसर्या।
घुराय शंख जीत घोष, लंक रोस राम रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।6।।

बह्या अडग्ग नीत मग्ग, थग्ग पाक थाट नै
उजाड़ कैंप ऊभ पग्ग, लग्ग नाम लाट नै।
अखाड़-जीत-खग्ग हिंद, जाणिया जहान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।7।।

उजाल़ दूध मात रो, उजाल़ तात अंश नै।
उजाल़ रात जन्म री, उजाल़ भोम वंश नै।
उजाल़ नाम हिंद रो, उजाल़ आन-बान रा।
जुड़ै जवान जोरवान, हेर हिंदथांन रा।।8।।

।।छप्पय।।
पाक धरा पर पूग, घोर शंख जीत घुरायो
घर में अरियण घेर, सूरमां सुजस कमायो।
वाल़ आंपणो वैर, डकर दे पिसणां डंडै।
तीख तिरंगो तांण, मात रो गौरव मंडै।
अजँसियो साच गिरधर अवस, हर मन सारै हिंद रो।
भिड़ नाक आज भँजियां भड़ां, गिलच पाक सै गिंध रो।।

~~गिरधरदान रतनू “दासोड़ी”

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