मां करणी जी रो गीत – कवि खेतसी बारट मथाणिया कृत

।।गीत।।
विमल देह धारीयां सगत जांगल धर विराजै,
थांन देसांण श्री हाथ थाया।
उठै कव भेजियो राज करवा अरज,
जोधपुर पधारो जोगमाया।।१।।

विनती सुणै रथ जुपायो बेलीयां,
सहस फण सेलियां जदन सारा।
तेलीयां वीर सुत वाजता टांमका,
लाख नव फैलीया व्यूह लारा।।२।।[…]

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ऊंठ रो गीत (प्रहास साणोर)

।।गीत – प्रहास साणोर।।
अगै करहलां जोड रा वरी धिन कीरती,
तीखली तोड रा ढांण ताता।
हेरिया नहीं धर दूसरी होड रा,
महि मन पूरणा कोड माता।।1[…]

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गीत बलूजी चांपावत रो

।।गीत – प्रहास साणोर।।
अयो अमर रो उगाहण वैर धुब आग रै
जाग रै क्रोध उर पाल जायो।
भुजां रै भरोसो, नको बल़ भागरै,
आगरै नाग रै रूप आयो।।1[…]

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भूरजी, बलजी पर बड़ौ साणौर गीत – महाकवि हिंगलाजदानजी कविया

लखे घोर घमसांण ऊडांण ग्रीधण लहै,
अपछरां पांण बरमाऴ ओपै।
ऊगतो विचारै भांण आरंभ इसा,
किसा कुऴ भांण रै सीस कोपै।।

बाट उप्रवाट बहता थका बाहरू,
उरस अड़ि अबीढै घाट आया।
दाटणा जिका कुज्रबाट दीपक दहूं,
थाटणा थाट मुह मेऴ थाया।।[…]

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चारणां कियौ नित अहरनिस चांनणौ – महेंद्रसिंह सिसोदिया ‘छायण’

।।दूहौ।।
सीर सनातन सांपरत, राखण रजवट रीत।
अमर सदा इळ ऊपरां, पातां हंदी प्रीत।।

।।गीत – प्रहास साणौर।।
पलटियौ समै पण छत्रियां मती पलटजौ,
राखजौ ऊजल़ी सदा रीती।
संबंधां तणी आ देवजौ सीख कै,
पुरांणी हुवै नह जुड़ी प्रीती।।[…]

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न्याय पख तोड़दे बंधण सह नारायण

न्याय पख तोड़दे बंधण सह नारायण,
सरायण जगत रा काज सारा।
परायण-धरम रा सको जग पाल़वा,
करायण जनमतां मुगत कारा।।1

वंश रा दीप तूं कीरती बधावण,
अंश वसुदेव रा जगत ओटो।
तोड़िया जनेतां संस सह तड़ाकै,
खाल़ियो कंस सो दैत खोटो।।2[…]

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गीत वरसाल़ै रो प्रहास साणोर

उरड़ियो आज उतराध सूं ऐरावतपति
खरै मन उमड़ियो बहै खातो।
गहरमन नाज अगराजतो घुमड़ियो
मुरड़ियो काल़ रो देव माथो।।1

उमँग असमाण में वादल़ा आहूड़ै
मोदधर धाहूड़ै होय माता।
निपट चढ वाद में मलफिया नाहूड़ै
तीख में बाहूड़ै होय ताता।।[…]2

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गीत लाछां माऊ रो

।।गीत – प्रहास साणोर।।
अमर कथ करेवा पैंड जस भरेवा अहो,
समर हर नाम कर काम साचां।
मंडेवा गुमर इम नेसड़ां महिपर
लोवड़धर जचायो जमर लाछां।।1

रतनुवां दैण धिन कीरती रसापर,
धूरतां असा कज मोत धीबी।
आदलग जसा ही रीत रख इल़ा पर
जगत में बसा गी सुजस झीबी।।2[…]

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करणी माँ का गीत साणोर

।।गीत – साणौर।।
धिनो धाबळा-धारणी करनला धिराणी,
धिनो देसाणपत धजा धारी।
अवन पर अवतर्या उबारण सेवगां,
मावड़ी मदद कर हमें म्हारी।।

जानकी तणी अरदास सुण जकी तूं,
थकी नां समंदां पार थाई।
पाहनां तणां पुळ तिराया तोय पै,
अम्बिका राम रै मदद आई।।[…]

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गीत प्रहास साणौर – राजबाईसा समना रौ

रटूं रसण अठ जाम शुभनाम तव राजला
कृपाळू दास रा काम कीजे।
विमळ सुखधाम मढ समन्ना विराजत
दरस वरियांम अभिराम दीजे।।01।।

विनायक रखाजे विमळ मति वीसहथ
सहायक रहीजे सुराराणी।
नलायक हूंत नंह जुड़ाजे नेहपण
बिना हक बुलाजे नांह बाणी।।02।।[…]

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