हर दिया हाथ जिण सीस हेरलो – गीत सोहणो

।।गीत – सोहणो।।
हर दिया हाथ जिण सीस हेरलो,
निजरां आयो बीह नहीं।
दोखी मुवा पटक सिर देखो,
रीस उवां री धरी रही।।1

उबरै नाथ कृपा झल़ अगनी,
चटको विसहर नाय चलै।
पच -पच अरि थकै पिंड पूरा,
हर रै आगै नाय हलै।।2[…]

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गीत सोहणो

कंत सूं लुका राखिया कामण
नोट पांचसौ पांच नवा।
मोदी करी मसकरी मांटी।
हिवविध भूंडा हाल हुवा।।1
अहर बितायो आमण-दूमण
नैणां रातां नींद नहीं।
देवा डंड किसोड़ो दीधो?
कल़पी बातां ऐह कही।।2[…]

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की फिर पाजी हाण करै

।।गीत-सोहणो।।
राखै ज्यां सीस हाथ तूं राजी,
की फिर पाजी हाण करै।
अरियां परै खीज अगराजी,
सनमुख माजी काज सरै।।1
आसा सदा पूरणी आई,
धुर विसवासा अडग धरै।
काली भाषा समझ कृपाल़ी,
भाव हुलासा तुंही भरै।।2[…]

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वीर देवपाल़ देवल रो गीत सोहणो

वीर देवपाल़सिंह देवल, वासणी दधवाड़ियान चारण जात रो गौरव है। इण परमवीर २८ नवंबर १९७१ रै दिन भारत-पाक रै जुद्ध में बंगलादेश रै मोरचै माथै भारत माता री रक्षा करतां थकां वीरगति वरी। इण वीर री वीरता नै वंदन करतां भारत सरकार वीर चक्र सूं सुशोभित कर चारण जात रो गौरव बधायो। चारण गौरव देवपाल़ देवल री कीरत नै अखी राखण खातर डिंगल़ रै कैई नामचीन कवियां शब्दांजल़ी अर्पित करी, उणां में ठाकुर अक्षयसिह रतनू, नारायणसिंह सेवाकर, देवकरणजी ईंदोकली रो नाम श्रद्धा रै साथै लियो जावै। इण महावीर नै म्है ई एक गीत कैय, शब्द सुमन चढाया है————- आया अरियांण […]

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भलै काम रो अंत भलो – गीत सोहणो

||गीत सोहणो||

मनवा तूं दर पिछतावो मत कर
भलै काम रो अंत भलो
खूटल कर खोटा खुट जासी
चेत हेत री राह चलो
अंतस राख उसूल अटूटा
खुल़िया खूंटां मती खसै
अवसरवाद जाण मत आछो
धोल़ां नाही धूड़ धसै […]

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बापू रा तीन बांदर

बापू देख बीगड़्या बांदर, सो बदल़ै नित भेख सही।
लिखिया लेख तिहाल़ा लोपै, नटखट राखै टेक नहीं।।१
ईखै बुरी रोज ही आखां, काज बुरां री खोज करै।
माणै मोज तिहाल़ा मरकट, डोकर तोसूं नोज डरै।।२

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करणी माता स्तवन

🌺गीत सोहणौ🌺
सुखदायक नाम मात तौ सगती, दुखदायक पातक दुनिया।
वीसहथी वरदायक वाहर, कुळ जाई मेहा किनिया॥1
संकै मन मत मात सहायक, रंकौ री रिछपाळ रहै।
जस डंकौ उणरौ दुणि बाजै , लोवड री जो ओट लहै॥2

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गीत सोहणो, शक्तिदानजी कविया (बिराई) रो

गीत सोहणो, शक्तिदानजी कविया (बिराई) रो गिरधरदान रतनू ‘दासोड़ी’ कृत

गोविंद सुतन बिराई गुणियण, सगत कवि कवियांण सिरै।
मोटा पात वरण सह मांनै, कीरत सारी धरण करै।।
कथिया विमळ कायब इम कवियै, कायम है सो बात कही।
जाझा मांण महि सह जांणै, सारद बगसी बांण सही।।
आगर गुण आखां अनुरागी, गाहक भागी साच गुणां।
पागी कवत्त डींगळा पूरो, सुरसत सागी सुवन सुणां।। […]

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गीत सोहणो

।।गीत सोहणो।।
ओ सच की देख जमानो आयो, जो मिनखां तो मून झली।
सून मिल़ी चवड़ै सिटल़ां नै, भू विटल़ां री बात भली।।१

मिनखाचार रखै सो मूरख, गेडछाप अह बजै गुणी।
पितलज जिकै पूजीजै पेखो, सतवाद्यां री काट सुणी।।२

बहुमत हुवो बापड़ो बेखो, बल़ बाहू नै लोग वदै।
बुध बल़ री बात करै बावल़िया, कावल़िया लठ गिणै कदै।।३[…]

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