खोडियार माताजी री स्तुति – हेमुजी चारण

।।छंद – नाराच।।
प्रवाळ नंग धाम पें, बणे सु गोख छब्बियं।
जळे सु जोत है ऊधोत, कोटीरुप से कियं।
अरक्कजा सुधा अगे, चडे सिंदुर चाचरी।
नमो सगत्त नित, नृत्त खोडली रमे खरी।।1।।[…]

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ગરબો-ખોડિયાર રમવા ને આવે-કવિ આપા ભાઈ કાળા ભાઈ બાળદા

કોઇ તાતણીયા ધરાથી તેડાવો મારી બેનુરે….
ખોડીયાર રમવા આવે…
કોઈ માટેલ જઇને મનાવો મારી બેનુ રે..
ખોડીયાર રમવા આવે…ટેક

હા…આસોના ઉજળા આવ્યા છે નોરતા મનડે કોડ નથી માતો..
માં ના તેહવારનો મહિમા છે મોટો સૃષ્ટીમાં નથી સમાતો..
હવે સૃષ્ટીની શોભા વધારો મારી બેનુ રે..
ખોડીયાર રમાવા આવે…[…]

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खोडियार मां रो डिंगळ गीत – कवि दादूदान प्रतापदान मीसण

तट हिरण रे वासो थारो।
धरो गाजै जठै इक धारो
तरवर फूलां वास तिहारो।
महके वायु रो मंहकारो॥1॥
झरणां मह झणकार करै थुं।
नीर विच घेरो नाद करे थुं
वगडा मंह वनराई घटा थुं।
लाल गुलाबी वेलि लता थुं॥2॥[…]

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बीसा छंद खोडियार जी रो

अवनी नभ पातळ और नही कछु, पाणि पवन्न हुता न पृथी।
सब शुन्न चराचर सृष्टि सृजि, सुभ, कारण-पाळण हार कथी।
लख शुन्न सु शुन्न दियां रु लियां लवलेश नही घटियो लखियो ।
खमकार करो खपराळिय खोडल, याद करे तव बाळकियो॥1 […]

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खोडियार माताजी री स्तुति- भावनगर रा राजकवि पिंगळसिंह पाताभाई नरेला

दोहा।

तारण कुळ चारण तणो,उगारण तुं आइ।
मारण महिषासुर री,दुनिया पर दरसाइ॥1

छंद दुरमिल

खळ जोर खळावण भै अळसावण,शर्ण उगारण तुं शगति।
हियमें हरखावण,अम्रत लावण,भाव उपावण तुं भगति।
मनरोग मटावण शोक शमावण जोग दिपावण तुं जबरी।
कुळतारण काज सुधारण कारण खोडल चारण देव खरी॥1 […]

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खोडियार माताजी रो सपाखरु गीत – पुष्पेन्द्र जुगतावत

खोडियार माताजी रो सपाखरु गीत
(रचयिता: पुष्पेन्द्र जुगतावत, गाँव पारलाउ)

हंसावाहणी नमावौ शीश मां तणी आशिश हेर,
बेर अणी कुळांदेवी नमूं बार बार।
चारणां उबार मार पापियां तणा समूह
खळ दळ खपावणी खंग खोडियार॥1॥ […]

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आई खोडियार वंदना – जयसिंह सिंहढायच

।।दोहा।।

धरा माड धरती धिनो,धिन धिन चाळक ग्राम।
धिन मादा काछैल कुळ,धिन पितु मामड धाम॥1॥
सातूं बहिनां संग मैं,शोभित बीच विवाण।
पितू मामड घर प्रगटिया,काछैला कुळ भांण॥2॥
सवंत आठसै आठ सुभ,चैत नवम शनिवार।
माड धरा मामड घरां,आप लियो अवतार॥3॥ […]

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