आवाहण गीत

डिंगळ रो एक अनुपम आवाहण गीत कायमजी रो कहियोडो

गोखां गिरनार हुंत गज गामण,
कामणराय आप शिव कामण,
जवाळामुखी आव जग जामण
संकट हरण महा सुर सामण॥1॥

धवळ गिरे सौधे धिणयाणी.
सिहलदीप हूंतां सूर राणी
कामरु देश कमख्य कहाणी
करि छोरु उपर किनीयाणी ॥2

काश्मीर मनइच्छर काळी
चामुंड चाळराय चरिताळी
तेमडाराय बाजतां ताळी
बहनां सहित आव बिरदाऴी॥3

बिरबड अनपूरण बेलाइ
हिगळाज गिरि हेम सुताइ
काछ पंचाळ कोटडा राइ
हेलो सुणत आव मेहाई॥4

मढ दुगोर राय जग माता
राणी माढ आप रंग रातां
साकंभरी  सूंधियां सातां
त्रिपुरा आप आव अन त्राता॥5

बदनोर सुथानक गिर वासी
नगर कोट निम्बडां निवासी
बागां अम्ब बसन्त बिलासी
काटण कष्ट आव पति काशी॥6

तुं पारवती हेम  सु तनया
खीर समंद रुप चित खमया
त्रिपुरा तारा तरणी तनया
अरबुद हुंत पधारो ऊमया॥7

उभे बंधव किधा अगवाणी
सगति झुल सह साथ सुहाणी
सेवग साद  सुणंत सयाणी
किनी ढील किसूं किनीयाणी॥8

बिमरां गिरां तरां नित वासी
सूर कोटि तन जोत प्रकाशी
खड आओ नाहर रथ खाशी
आशावरी पुरवण आशी॥9

संकट हरण महा सुर राइ
गुण वेदां ब्रह्मा मुख गाई
हेलो सुणंत समो मेहाई
उपर करण पधारो आई॥10

घाट विकट मेटण घंटाळी
ताता खडो बाजतां ताळी
पडतां चाडज काछ पंचाळी
धावो करनल धाबळवाळी॥11

साचा धणी मेट दुःख समरथ
पूत पुकार न जेज करो पथ
बिरद  संभाळ आपरो वडहथ
आऑ बेग राखवा यळ कथ॥12

शाहु बार जहाज सुतारणी
आई पीथळ लाज ऊबारणी
सेवग कायम काज सुधारणी
चेलां  सहित पधारो चारणी॥13

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