गीत महाशक्ति राजबाई रो

गीत प्रहास साणोर

करी मुगलाण हिंदवाण संग जाल़ अकब्बर
सको दुनियाण रै साव सामै
कुटल़ मन राचनै अनीति कूड़ता
पह नह जिकण री खबर पामै १

जीत मन भरोसो छत्रियां जोर रो
तोर रो लियो उण देख तोरो
चोर जद भामण्यां दिसा मन चलायो
सोर बिन हलायो काम सोरो २ […]

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जूझार हणूंवंतसिंह रोहड़िया सींथल़ रो सुजस

सीयां हमीरां सांगड़ां, मिल़ियै जाझै मांम
सांसण सीथल़ है सिरै, वीसासौ विसराम

महाकवि दुरसाजी आढा रो ओ दूहो सींथल़ री सांस्कृतिक विरासत, स्वाभिमान साहस अर टणकाई री टेक राखण री अखी आखड़ी रो साखिधर है। सींथल रा संस्थापक सांगड़जी रो पाटवी सपूत मूल़राज। मूलराज करनीजी रा अन्नय भक्त। करनीजी खुद सींथल़ पधारिया जद मूल़राजजीनै खुद आपरै हाथां सू जागा बताय कैयो कै आगै सूं अठै देवी री पूजा करजै आज उणी जागा करनीजी रो भव्य मंदिर है। इणी मूलराजजी री वंशज सींथल़ मे मूल़ा बाजै। मूल़राजजी री वंश परंमपरा मे पदमसिंह हुया अर इणां रै घरै हणुंवतसिंह रो जनम होयो। उण दिनां बीकानेर माथै महाराजा रतनसिह रो शासन हो, उणां रो एक मुलाजिम रिड़मलसर रो सिपाही मुसलमान हो। वो एक वार आपरी टुकड़ी साथै सींथल़ रुकियो। […]

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कितरा म्हारा बदल़्या गांव

कितरा म्हारा बदल़्या गांव
गंगाजल़ सा गदल़्या गांव
दूध दही री नदियां बैती
दारू सूं तर डूब्या गांव।
सल़िया सल़िया नेही होता
करै कुचरणी अल़िया गांव।
खुद री नींद सोवता उठता
अब तो है हांफल़िया गांव।
डीजै री ताकड़धिंग रीझै […]

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धिन चंदू राखी धरा-1

भगवती चंदू रो जनम माड़वा (पोकरण) रै संढायच उदैजी दलावत रै घर मा अणंदू मिकस री कूख सूं उनीसवै शताब्दी रै पूर्वाद मे हुयो। अणंदूबाई ई गुडी रै पोकरणां रै अत्याचारां रै खिलाफ जंवर कर चारणां रै स्वाभिमा नै अखी राखियो।  देवी चंदू रो ब्याव दासोड़ी रै रतनू रतनजी सूरदासोत रै साथै हुयो। उण दिनां पोकरण माथै सालमसिंह चांपावत रो अधिकार हो, सालमसिंह चांपावत, चांपावतां री ऊजल़ी परंमपरा रो निर्वाह नीं कर सक्यो, उण आप रै सलाहकारां री उल्टी सीख मानर माड़वा री कदीमी सीम नै उथाल़ण अर अखैसर ताल़ाब नै कब्जे मे करण सारू माड़वै रै अखैसर ताल़ाब तक आपरी सेना […]

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चंदू माजी रा छंद

।।छंद – सारसी।।
पीसण उथालण संत पाल़ण, भीर हालण भाणवां।
सालम सालण वसू वाल़ण, जग उजाल़ण जाणवा।
सेव्यां संभाल़ण चाड चालण, दुख दाल़ण दीसरी।
किरपाज सिंधू कर अणंदू आद चंदू ईसरी।।१[…]

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गीत जैसलमेर रो

माड अर्थात जैसलमेर रो पुराणो नाम। इणी माड रै पावन मगरियां माथै लोकदेवी आवड़ रास रमी अर दुष्टां रो दमन कियो।इणी धरा माथै महाभड़ भोजराज भाटी होयो जिण री वीरता वंदनाजोग। उण रो विरद “आडा किंवाड़ उतराद रा भाटी झेलण भार।” इणी धरा रो सपूत महावीर सालिवाहण होयो जिण कवि श्रेष्ठ बांझराज रतनू नैं इक्कीस गांवां सूं सिरुवो दियो। इणी भोम रो महाभड़ दूदा होयो जिणरै विषय में आ बात चावी है कै कविवर्य हूंफै रै सतोला शब्द सुण र कटियै माथै कवि नै दाद देय कविता री कूंत करी। इण धरा रा सपूत रतनसिंह, मूल़राज राजपूती शौर्य रा प्रतीक […]

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आवड़ आराधना रो गीत

।।गीत त्रिकुटबंध।।
अनुपम्म तन धिन आवड़ा,
महि अवतरी घर मामड़ा,
भावड़ा सुधमन देख भगती, सगत रूपां सात।
जयो सगत जूनी जोगणी,
भल जगत ख्यातां तो भणी
विपत मचियण पात वचियण।
गुणण रचियण गीत गुणियण।
जणण जपियण सयल़ जण जण।
करत कवियण साद सुणियण।
संकट भंजियण बहै सचियण।
सजण आसण सिघ सोहण।
चढण जोगण चसण चखियण।
करण अरियण कोप कण कण। हितू सिर रख हाथ।। १[…]

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कवि श्रेष्ठ केशरोजी खिड़िया

स्वामी भक्ति, देश भक्ति व संस्कृति रा सबल़ रुखाल़ा कविवर चानणजी खिड़िया चारण गौरव पुरुष अर जाति रत्न रै रूप मे जग चावा रैया है। जद चित्तौड़ रै किले मे सिसोदियां धोखै सूं वीर पुरुष राव रिड़मल (मंडोर )नै मार र आ घोषणा कराय दी कै कोई आदमी रिड़मल रो दाह संस्कार नी करेला। उण बगत चानणजी चित्तौड़ रै कानी मिली जागीर कपासण मे रैवता। उणां नै आ ठाह लागी कै राव रिड़मल रै साथै विश्वासघात होयग्यो अर अबै उणरी देह री दुरगत होय रैयी है तो वै उठै आया अर रिड़मल री चिता बणाय दाग दियो। कैयो जावै कै […]

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जूझार मेहरदान संढायच माड़वा

माड़वो पोकरण रै दिखणादै पासै आयोड़ो एक ऐतिहासिक गांव है। जिणरो इतिहास अंजसजोग अर गर्विलो रैयो है। पोकरण राव हमीर जगमालोत ओ गांव अखैजी सोढावत नै दियो। जिणरी साख रै एक जूनै कवित्त री ऐ ओल़्यां चावी है।

हमीर राण सुप्रसन्न हुय, सूरज समो सुझाड़वो
अखै नै गाम उण दिन अप्यो, मोटो सांसण माड़वो

इणी अखैजी रै भाई भलैजी रै घरै महाशक्ति देवल रो जनम हुयो।

भलिया थारो भाग, देवल जेड़ी दीकरी
समंदां लग सोभाग, परवरियो सारी प्रिथी

ओ ई बो माड़वो है जठै भगवती चंदू रो जनम हुयो जिण सांमतशाही रै खिलाफ जंमर कियो। इणी माड़वै मे अखै री गौरवमय वंश परंमपरा मे माणजी रै धड़ै मे धरमदान रै घरै मेहरदान संढायच रो जनम हुयो।[…]

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फोग रो छंद

छंद – नाराच
फबै थल़ी ज फोग तूं फल़ै ज फूठरो फबै
महक्क धोरियां मुदै सजै ज मोहणो सबै
थल़ी ज थाट तूंज सूं रल़ीज पूरणो रसा
अपै ज रूप ओयणां जुड़ैज होड ना जसा १

मुदै ज मात भोम सूं सप्रीत रीत तो सिरै
दखांज भोम दूसरी धिनो ज ध्यान ना धरै
बहैज एक वाट ही मरू रूपाल़ तूं मँडै
मनां तनां थल़ू मही ज तूं छटांक ना छँडै २ […]

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