भगवत ओ नाय रटै घट भोदू

गीत वेलियो
भगवत ओ नाय रटै घट भोदू, नटका नको चितारै नाम।
पड़सी फंद चौरासी पितलज, कर र्यो कुटल़ बुरोड़ा काम।।१

ठग चाल़ै चोरी मन ठायो, परधन हड़फ करण में प्रीत।
जो तूं करै जमारो जायो, चित राघव ना लायो चीत।।२

जोतां देख जमारो जावै, धरवै नको अठीनै ध्यान।
पोचा करम तोई पोमावै, गावै नको हरी रो गान।।३

विटल़ा कूड़ धापनै बोलै, तोलै राख ताकड़ी तोत।
पाछै काय बटै पछतायां, मँडसी आ घेरो जद मोत।।४

हालक चालक हेर हरी नै, वेल़ा जाय रही छै वीर।
गिरधर कहै सांभ मन गैला, तरणी चहै उतारण तीर।।५

~~गिरधरदान रतनू दासोड़ी

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