भूंड

अड़ो धड़ो
घड़ो भूंड रो बहू रै सिर पड़ो
आ बात कूड़ी नी है
जद जद ही फूटो है
भूंड रो ठीकरो अबल़ावां रै माथै ई छूटो है
तूटो है अबखायां रो भाखर
दल़िज्या है मूंग छाती माथै
उडिया है चरित्र रा चींथड़ा
तो इणा मे ई निकल़ी है
मीन मेख
छल़ बल़ रै कुड़कै मे फसाय
अल़ूझाय जगत जाल़ां मे
पपाल़ां मे
ओ भव ई नी
आगोतर बिगाड़णिया
सदैव काढता रैया है खामी
पण
आ अनुगामी बण
सैवती रैयी टुणकला मैणा
गिणती गई ऊमर नै हरमेशा
आंगल़ियां माथै
ऊभी आई अर आडी जावण सारू।
इण रो ई कुसराइज्यो है रूप _बणाव
कदै हेत_ हिंवल़ास
तो कदै अणहद विश्वास
कदै प्रीत अर नीत
कदै ई छूनीजी है हूंस
तो कदै ई साच अर वाच रा
उतरता रैया है माल़ीपाना
इणां री ई साख बदल़ती रैयी है
हरमेस
राख मे
इणां री आंख रो पाणी
साचाणी
कदै ई बंद नी दीठो
कदै बेटै री कूक
तो कदै ई बेटी री पीड़ माथै
तो कदै ई खांमद री
आकल़ बाकल़ता माथै
पसीजतो रैयो है
कंवल़ो काल़जियो
मायां री मायां घमटोरीजती रैयी है
घर बीती अर परबीती माथै
समवड़ भाव सूं।
नी करियो कदै ई नेठाव
नी मानियो भार निरादर रो
आव आदर सूं नी पोमीजी
राखियो हो फगत विश्वास
पिंड पौरस रै पाण
खोदरड़ो करण मे
पचती रैयी अठजाम
बिनां विसराम रै
नाम री नी करी गिनरथ
कदै राम रै लारै वनवासण होय
बुही है सीता सतवंती रै रूप
तो कदै ई श्याम रै लारै
नाची है राधा नखराल़ी होय
काम रै कूंतै बिनां
पची है पीढ्यां पीढ्यां तांई
तोई भूंड रो ठीकरो नी उतार सकी
नी कर सकी मूंडो ऊजल़ो
नी उतार सकी
माडै लगायोड़ै कल़मस रो टीको
देवणो पड़ियो है
इण नै ई जाब
आपरी आबरू साबत राखण रो।
बतावणा पड़िया है सतित्व रा सैनाण
पत राखण रा पुख्ता प्रमाण
चरित्र री चारुता सारु
आंख्यां सूं टपकतै गंगाजल़ सागै
दिरावणी पड़ी ही साख अगनी री
उणां नै
जिणां री साख रै पाण
इण मानी ही अगनी नै साखी
अर जोड़्यो हो हथल़ेवो
मोदीजी ही मन मे
जिणां री प्रीत रै चमकतै झोल़ नै देख
इण गाल़ दीनो हो
जीवण जोबन
मार दीनो हो मन
तन तपा दीनो हो तावड़ै मे
तोड़ दीनी ही आसंग तन री
तोई बै नी कर सकिया
इण रो पतियारो
परभोम मे कर दीनी ही इण नै
पतहीणां रै सामी
पतहीण _सतहीण
फगत आपरी मूंछ ऊ़ची राखण नै
लुकावण नै लिपल़ापणो
नीपोचिया नी बजण री
काढी ही तजबीज
कै फगत करियो हो ढकोसलो
आपरी
कूड़ी करड़ावण नै साबत राखण रो
बाल़ दीनो हो इण रै
मनड़ै रो उमाव उछाव।
मनमेल़ू सूं मिल़
रंगरल़ी करण रा सोनलिया सुपना
गाल़ दीना हा डंकै री चोट
इण माथै ई संको करर
रचा लीनी ही आपरै
रूड़ापणै री रामत
इण नै भूंड पांती मे देवण नै


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