चाकरनो संग

||छंद रेखता||

कविराज कहे राजनीत रुडी,सामे कान कपाट न खोलता है
शूर नाम कथा कहे रामकथा,ऐक आखर आप न बोलता है
सुणी चानक गोकळराज समा,महाराज न बोलत डोलता है
मेरा ठाकर चाकर संग करी,नित कूडका चापडा छोलता है…

मधपान करे खुब खान करे,मिजबानको आप न भेटता है
राजरानिया है कुलवानिया है,तउ लौंडियां के संग लेटता है
सरदार रहे नित द्वार खडे,राजमहेलमें जा कर पैठता है
मेरा ठाकर चाकर संग रीझे,बुध्धीमानके साथ न बैठता है…

साची वात करे तापें रीस धरे,और दंड करे खुब खीजता है
वाह वाह कहे सब चाह कहे,जूठी वाह कहे तापे रीझता है
द्विजराजको ना कविराजको ना,गोले गोठियोको वित दीजता है
मेरा ठाकर चाकर संग करी,निज नाशका वींझणा वींझता है…

दिन सोवता है रात जागता है,और वागता है सूर प्यालियांका
फिर मागता है फिर मागता है,और आंखमें आसन लालियांका
कभी रुठता है कभी कटता है,मुख छुटता है धन गालियांका
मेरा ठाकर चाकर संग करी,हाय! पंथ लिया पायमालियांका…

गान सुनता है तान सुनता है,नहीं साद सुने फरियादियांका
चीत यादीयां है गीतवादीयंका,नही गोठता आसन गादियांका
मुख लाज नही देशदाझ नही,और काज किया खुब शादियांका
मेरे ठाकर चाकर संग किया,और पंथ लीया बरबादियांका…

विदवान नही बुध्धीवान नही,बलवान नही मुछ म्रोडता है
राजकाज जाने तलभर नही,दिन रात शिकारपें दौडता है
राजरीत नही जामें नीत नही,गोले गोठियांसे चित जोडता है
मेरा ठाकुर तो राजधानियां से,कुलवानियां को तर छोडता है…

प्रजा प्यार करे खमकार करे,फुलहार धरे नाम रामका है
पांव भेट धरे परणाम करे,रज शीश धरे धणी गामका है
कुववान बडे-धर-नारियां जो,तापें ताकता आप हरामका है
बेन-बेटियां मुख से ‘बाप’ कहे,और बाप तो ऐक बदामका है…

कविराज कहे बापु ! लाज रखो,नहिं लाजता है और गाजया है
नहीं बाप मारग देखता वह,दीन देखता है नही दाझता है
बडे हाथीयोंका शणगार सो तो,धरी प्रीत गधा पीठ साजता है
मेरा ठाकर चाकर रंग चड्या,नर नीचको नित्य निवाजता है…

इतिहास कथा कभी वांचता ना,इतिहासकी वातपें रुठता है
जग पेखनमें दंग झेर भरी,और देखन में बडी दूठता है
वाणी दोषभरी और रोषभरी,वाकी जीभडी में सब जुठता है
मेरा ठाकर चाकर संग करी,देर पो’र चडे फिर उठता है…

सब हाजियोंको हदपार करे,हदपार करे जूथ दूतियांका
और जूतियां मार निकाल देवे,जाका मुख है ग्राहक जूतियांका
खुद काज करे गाम गाम फिरे,राजदंड धरे जमदूतियांका
मेरा राजवी सज्जन पास पडे,तब रंग चडे रजपूतियांका…

~~भगतबापु // लाभुभाई गढवी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *