काळिया सतसई

कवि गिरधर दान रतनू “दासोड़ी” कृत नीति विषयक एवं समसामयिक विषयों पर काळिया को संबोधित सवैये

काळिया सतसई पूर्ण होने पर कवि गिरधरदान जी की प्रशंसा में अन्य कवियों के उद्गार:-

आणंद इदको आवियो , पढतां पेली पाण ।
सुंदर सतसई सौरठा, लिखिया गिरधर राण ।।
**
गिरधरसा कालिया सतसई लिखण री बधाई ।
~~नारायण दान
सरस लिखी थे सतसई रतनू गिरधर राज।
साक्षी इणरो ग्रुप सकळ,अंजस म्हाने आज।।
~शम्भू सिंह चौहान, नारायण सिंह चारण
वन्दन रतनू जी।आपरी ओ ऊजळी खेचल राजस्थानी साहित्य री एक अनूठी कृति रौ सिरजण करण में कामयाब हुई है।लखदाद
🙏🙏💐
कवि गिरधरदान रतनू सा रै सम्मान में
डिंगळ रो दिवाण,दीपै दासोड़ी धरा।
रतनू गिरधर राण,कीरत जोगो काळिया।।
~~संग्राम सिंह सोढा
गिरधर दान ग्यान री ,पोठां राखे पास ॥
सतसई लिक्ख सांतरी , परगट करे प्रकाश ॥१॥
आखर थारा ओपता , रतनू गिरधर रांण ॥
किरत गाई काळिया , विध विध करे वखांण ॥२॥
रतनू सा आपरी लेखनी ने कोटि कोटि वन्दन , बेजौङ काळिया सतसई भावपूर्ण वयण सगाई युक्त अनुपम कृति के लिये बधाई
~~मीठा मीर डभाल
सखरा ठाया सोरठा, सतसई या सरजाम।
रंग गिरधर गुणवान नै, कर काळ्या रै नाम।।
~~वीरेन्द्र लखावत।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *