कलरव रा कमठाण

आछो नरपत, आसियो, चारण वरण चकार।
गाँव गाँव गुंजाय दी, डिंगल री डणकार।।1।।
आछो नरपत आसियों, खरो गुणों री खांण।
कव चारण घण कोडसू, विध विध करे बखाण।।2।।
घटाटोप नभ गरजणा, गांजे डिंगल गाज।
महि बोले कवि मोरिया, नरपत ऊपर नाज।।3।।
नपसा तो नाइस लिखे, ख्वाइश पूरे खूब।
साहित तणै समुद्रमें, दिलजावत हे डूब।।4।।
कोहीनूर नरपत कवि, वैतालिक विद्ववान।
जगमग हीरा जातरां, गिरधर अर गजदान।।5।
गरमी भीषण गजबरी, आग झरे असमान।
कविता सूं ठंडक करे, गिरधर अर गजदान।।6।।
सुरसत बोले सांपरत, जीणरे बैठ जबान।
हाईटेक कविवर हुआ, गिरधर अर गजदान।।7।।
डिंगल पिंगल संस्कृृत, आंग्ल हिन्द जुबान।
सहभासा महारत सिरे, गिरधर अर गजदान।।8।।
दारू रा दोसत घणा, समझे पीवण शान।
दुसमण मोटा दोयहे, गिरधर अर गजदान।।9।।
कलरव तणै किलोल रा, महाप्रबल दिनमान।
सम्पादक मिल्या सही, गिरधर अर गजदान।।10।।
कोल्ड मांय गरमी करे, समर लखावे शीत।
बरसा में बिलमावणा, गिरधरसा रा गीत।।11।।
पूरे मरूधर प्रान्त में, ईस्ट पार्ट अजमेर।
गिरधर थारा गीतड़ा, फैल रिया चहुंफेर।।12।।
महि हथिनापुर मालवै, अहिपुर छत्र आमेर।
गिरधर थारा गीतड़ा, फैलरिया चहुंफेर।।13।।
जैसलधर गुजरधरा, मेदपाट भटनेर।
गिरधर थारा गीतड़ा, फैलरिया चंहुफेर।।14।।
अभिनंदन चंदन करू, वंदन कर भूदेव।
दुष्ट निकंदन दयनिधे, सोरा रहे सदैव।।15।।
टणका आखर टालका, जाडी कविता जोड़।
निरभेै शिव नीतिराजरे, घर टणकीला घोड़।।16।।
नामचीन पुर नोखमें, कवियो री जयकार।
क्लीन हार्ट आसुकवि, ऐवरग्रीन ओैकार।।17।।
करे हथाई कोडसू, रहे मगन दिन रैण।
दुनिया में दुरलभ मिले, सम्पत जिसड़ा सैण।।18।।
पैली डैली पावता, खातर करता खूब।
मंझ सीकर मे मदन सा, डियुटी में ग्या डूब।।19।।
खोटा रूपया खावतो, करे ऐसीबी केस।
रूपया लेवे रोकड़ा, (ज्योंने) मांय धरे मदनेस।।20।।
गर्गसाब गिरधर गुणी, जोशी नवल जयेस।
कलरव तणै किलोल में, चार चांद चमकेस।।21।।
कुंवर बसे कासीन्दरा, देवल फैमस देस।
कुणं थारी समवड़ करे, अहो किंत अवधेश।।22।।
राजावत जद रीसमें, आजावत दिल आग।
छाजावत आखी छितिय, जै राजावत जाग।।23।।
राजावत रे राजरी, जै वसु लेवत जाण।
आखै राजस्थान री, समपै हाथ कमाण।।24।।
सेैबासी सगरामरी, दिल लखहर री दाद।
मनहर चित्र मुराररा, बारबार धिनबाद।।25।।
सोने मांय सुगंध व्हे, तड़ित संचरे तार।
कवि जोसी कविता करे, मांडे चित्र मोरार।।26।।
आवे जद अबकी बखत, पड़े न बिलकुल पार।
उणपुल साहित सूरमां, मांडे खेल मुरार।।27।।
कर मोही राखे कलम, मनमें नेक विचार।
दिल में चिंता देसरी, मोदी जेम मुरार।।28।।
लायक जिसड़ो मैं लिखुं, जिणरो नहीं जवाब।
चारण वरण चिरागहे, श्रीयुत लांगां साब।।29।।
नरपत तजेन नम्रता, गिरधर तजे न ग्यांन।
आन बान अर शान में, बावरला चहुंवान।।30।।
अबकी में आवै अरथ, कवियो दिल रो किंग।
हरचारण री हेल्प में, सदा भवानी सिंघ।।31।।
सदा रहे सुख सम्पदा, साजो रहे शरीर।
अमर रहो धर ऊपरे, मीठे खांजी मीर।।32।।
भागजिकण रा हे भला, तिरिया रा तकदीर।
हाथपकड़ वर हेरियों, मीठे खांजी मीर।।33।।
जांसू साहित जगमगै, परी जाये सब पीर।
आसू अर धासूं कवि, मीठे खांजी मीर।।34।।
साहित रे हित सूरमां, हाजर रहे हमेश।
मीठे जीसड़ो मानवी, दीठो नह मरूदेश।।35।।
कनक अतुल, ज्वाला कवि, वीरेन्दर रा बोल।
गजादान रा गीतड़ा, कलरव तणै किलोल।।36।।
दपटावे कविता दडी़, दुनियां रहजा दंग।
रे कवि भूषण रेन्दड़ी, रंग विरेन्दर रंग।।37।।
वीणा पाणी ऊरबसे, वाणी जोश विशेष।
बिगसे डिंगल वाटिका, जबलग आप जयेश।।38।।
काया कदेन कष्ट व्हे, हष्टपुष्ट व्हे हाथ।
पिण्ड राखजे पल़कतो, नवल तणौ रघुनाथ।।39।।
आढा तणी आशीश सु, सुधरे काम सदैव।
भूमण्डल भू ऊपरां, भल जलम्यो भूदेव।।40।।
कृृष्णदेव भूदेव कव, बलशाली बलदेव।
देवइत्ता दुनियांण में, सोरा रहे सदैव।।41।।
कर इलाज साजा करे, फैर न लेवे फीस।
दुखियों ने सुखियां करे, धीनो गोटिपाधीश।।42।।
धजबंद गाडण धाणदा, हरदिन राखे हेत।
परदेसां में पसरगी, कलरव जाय कुवेत।।43।।
सांचे दिलसू सुमरया, हाजरदेव हमेश।
अरजी सुण उमरावरी, गीगो दियो गणेश।।44।।
बीजा चारण बीसहे, ओ कवियो इकबीस।
भाग जिकणां रा है भला, जिण सागै जगदीश।।45।।
परभातो रे पौर में, सदा देय सनमान।
असल वसीरो आसियों, सकवि गुणी शैतान।।46।।
अनंत पराक्रम ईश्वरी, आपे मोज अनन्त।
भंवर तिहारे भागमें, बणियों रहे बसंत।।47।।
आज निरखबा आवियो, ऐरावत चढ़ ईन्द।
आंभ कलायण ऊमंडी, बणियों छायण बीन्द।।48।।
परमारथ रे पंथ में, लेय अणूंतो लोड।
चांपावत रतनेश री, हुवे न किणसुं होड।।49।।
थमता नह लिखता थका, जमता आखर जोय।
जीडी ने बीडी जिसी, करै न समता कोय।।50।।
खाणा उमंदा खावणां, पोढ़ण उमंदा पाठ।
बणिया राखे बीसहथ, ठाकुर थारा ठाठ।।51।।
जठे न पूगे रवि किरण, जोर महीने जेठ।
सिहथंल वालो सूरमों, ठाकुर पूगे ठेठ।।52।।
आढा सोढा आसिया, चित उजवल चहुंवाण।
बणिया राखे बीसहथ, कलरव रा कमठाण।।53।।

रचियता: मोहन सिंह रतनू
उप अधीक्षक पुलिस
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो,
जयपुर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *