करनी बिन कुण मदत करे!

करनी बिन कुण मदत करै।।टेर।।

कल़जुग राह कठण हुई कटणी
डग मन धरत डरै
थल़वट राय भरोसै थारै
तरणी दास तरै।।१
करनी बिन कुण मदत करै।।

अणडिग विश्वास आस धर एको
धजबंध ध्यान धरै
समरथ रीझ दहै सुख सातां
हाथां विघन हरै।।२
करनी बिन कुण मदत करै।।

अंतन कष्ट काटिया आई
संतन यूं समरै
आवै भीर समरतां आयल
हर दिन तूं हमरै।।३
करनी बिन कुण मदत करै।।

रीझै राज दियो घण रावां
थल़वट मरू थिरै
कोपी केक खाल़िया केवी
भू जिण साख भरै।।४
करनी बिन कुण मदत करै।।

शुभ दिन देय मेट सह संकट
सगती पख सजरै
अरजी मान आवजै अंबा
गरजी आ गिरधर रै।।५
करनी बिन कुण मदत करै।।

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