लोकतंत्र रो ओई लेखो

लोकतंत्र रो ओई लेखो
दीख रही स़ो मत ना देखो
छाती जा दूजां री छेको
समझ आपरी रोटी सेको १
कंवल़ी कंवली बातां कैजै
राम भरोसै मतना रैजै
वाट सुंवोड़ी अब मत बैजै
संकट बंकट हंसतो सैजै २
म्हारो राम अनै म्है राजी
पासै कर बैठा है पाजी
विटल़ लगायां सिटल़ी बाजी
सांपरत कर दुधारी साजी ३
मूंडै मीठी बातां मोटी
खूब चितारै लारै खोटी
जन तो है गाडर री जोटी
चिगल़ायां कर राखै चोटी ४
पद री तूं आशा मत कीजै
खरबलियां पर मतना खीझै
भलपण लैणी दंड भरीजै
गोठ गूघरी आंनै कीजै ५
आंरां नेम कायदा नामी
बैजै भूल मती तूं बामी
साच ऐ ही है कल़जुग स्वामी
भली चावै तो हुयज्या भामी ६
प्रथम खेमो दूसर पेमो
हाथ पासै ई बैठो हेमो
ढीलो लारै रैसी ढेमो
नेही की मांगै छै नेमो ७
देखो पंच आगै ई दाता
झुरता झुरता कैग्या जाता
खड़ज्यो मत जाकोड़ा खाता
चिमठायां सब रैसी चाता ८
भोल़ी बातां क्यूं भरमायो
कुबद्ध कपट मे मिलै कमायो
ओ तो राज इणी कज आयो
गैला हा सो जीव गमायो ९
वीरत साहस बातां बोदी
खेड़ू खाई आगै ई खोदी
गैला बड़ तिकड़म री गोदी
हाथो हाथ चढैज्या होदी १०
डांग माथै मत राखै डेरो
स्वाभिमान नै कर पासेरो
चांप पगां नै बणज्या चेरो
तिकड़म सूं मिलसी अब टेरो ११
प्रज्ञा री अब बात पुराणी
इण मे कोइन आणी जाणी
हंसां नै होवेला हाणी
कागां री सब सुणै कहाणी १२
भगमो भेख धारले भाई
लारै बैसी लोग लुगाई
कपट पणै मे झपट कमाई
रात पड़्यां घर नार रमाई १३
बातां मे सबनै विलमाजै
रुगट पणै मे सब सिर राजै
खीर सबोड़ा पर घर खाजै
विलल़ां मे भगवन सम बाजै १४
खमकारै तूं पैरै खादी
आई तो कज आ आजादी
गैलसफा देवैला गादी
बांनै तूं दीजै बरबादी १५
सोवै वानै सोवण दीजै
रोवै वानै रोवण दीजै
काज किणी रो तूं मत कीजै
लाज शरम आंख्यां मत लीजै १६
रीझणियां नै रीझण दीजै
खीजणियां नै खीझण दीजै
सीझै वानै सीझण दीजै
भीजै वांनै भीजण दीजै १७
गोचर ओरण कब्जै कीजै
दाम सटै दूजां नै दीजै
देख गायां नै बाड़ै दीजै
लगो लगा सब्सिडी लीजै १८
भोल़ां मे भोपो बण जाजै
बणा सांग बापजी बाजै
बोतां नै तूं दोष बताजै
खोपां सूं मिसरी गट खाजै १९
दफ्तर मे बाबू बण देवा
शारद री तूं तजदे सेवा
पाण हाकम नै खूब पजेवा
मिंजल़ाई मे खाजै मेवा २०
पद अफसर रो पड़ज्या पानै
कर दीजै सैणां नै कानै
मंत्री नै मालक कर मानै
छती मलाई खाजै छानै २१

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *