नरनारायण देव स्तुति

🌸दोहा🌸
नरनारायण नाम जग, जपत कपत जंजाल़|
करत कठिन तप देह धर, जन हित दिन दयाल||१

🌸छंद त्रिभंगी🌸
जय नाथ निरंजन,भव दुख भंजन,जन मन रंजन,जग त्राता|
जय काम निकंदन,वर सुर वंदन,धर्म सुनंदन,दो भ्राता|
जय महितल मंडन,खल बल खंडन,विषय विखंडन,बनवासी|
जय स्हायक संतन,काल निक्रंतन,आद न अंतन ,अविनासी||१

जय अजर अमायक,जन सुखदायक,सब जन नायक,सुखकारी|
जय दीनदयाधर,रूप मनोहर,ईश अप्रंपर,अवतारी|
जय व्याप घटोघट,बास बद्रितट,नाम मुनिरट,बहुनामी|
जय तेज अणंकल,बोध महाबल,स्याम सुकोमल ,जग स्वामी||२

जय मच्छ स्वरूपं,अकल अनूपं,त्रिभुवन भूपं,जगतारं|
जय कमठ सकारण,विघन निवारण,पर्वत धारं,तिणवारं|
जय क्रोध करालं,धीर द्रढालं,दैत वडालं,क्रत कालं|
जय नाथ नृसिघं,अली अभंगं,जीतण जंगं,जोराल़ं||३

जय बामन वेसं,काज सुरेसं,बलि छल लेसं,अंग धरै|
जय परसुधारं,खतिय मारं,सप्त त्रिवारं,दूर करे|
जय रघुपति रामं,जन सुख धामं,पूरण कामं,प्रतिपालं|
जय हलधर घीरं,गौर शरीरं,संग अहीरं,छोगालं||४

जय कृष्ण मुरारी,कुंज विहारी,गौवांचारी,गिरधारी|
जय बुधतन धारक,विघन निवारक,कलिखयकारक,सुखकारी|
जय कल्कि जोराणं,हस्त कृपाणं,पुरुष पुराणं,मोख परं|
जय नटवर नागर,सब गुण सागर,विमल उजागर, जग्तवरं||५

जय सर्वाधारा,सबसे न्यारा,अक्षर पारा,आकारी।
जय देव स्वछंदा,अतिसुख कंदा,पद जन वंदा,चित धारी।
जय अक्षरधामी,अंतरजामी,अनत अकामी,तेज अती।
जय नाथ अनंता,भजत सुसंता,प्रबल प्रजंता,जगतपती।।६

जय तपतन साजत,रतचित राजत,निपट निवाजत,नर सहिते।
जय अतुलित अंगा,धरत निखंगा,डरत अनंगा,दरस हिते।
जय कारण वेदं,दुरमति छेदं,अकल अभेदं,अनुसरता।
जय अधिक प्रतापी,जन सब जापी,मुक्त कलापी,सुख करता।।७

जय नयन सरोजं, दहण मनोजं,सिखवत चोजं,ध्यान सदा।
जय थापण नीतिम,हणण अनीतिम,जन निज प्रीतिम,अधिक प्रदा।
जय मुनिधर वेसं,त्याग तपेसं,ग्यान हमेसं,गुरूवाई।
जय सहित समाजा ,भुवनधिराजा,दिलजन माजा,सुखदाई।।८

~~सदगुरू ब्रह्मानंद स्वामी कृत

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *