ऊगटै क्यूं आंख्यां में खार?

ऊगटै क्यूं
आंख्यां में खार?
प्यार रा
कल़मल़ाया पाना
बानां रो
पतियारो उठियो
वहम भंतूल़ो
ऊल़ै-चूल़ै
बल़ती में पूल़ो दे
आप आपरी
बकर्यां सारू
दूधा दल़ियो
दूजां वाल़ी
आयां
दे सींघां में
देवण वाल़ै
जुड़ जतनां में
चवड़ै-धाड़ै
धोल़ै-बेपारै
मिनख विहूणी
रिंधरोही में
फिरै शिकारी
जीबां वाल़ा
तीर ताणियां
मिनखापण री
छेदण छाती
नात-गिनाती
राती-माती
करवा वाल़ा
कोकड़ गूंथै
भोल़ा-डाल़ा
सबदां जाल़ां
मांय अल़ूझै
कूड़-साच री
हक्की-नक्की
धरम धीज री
रल़की पुल़छां

~~गिरधरदान रतनू दासोड़ी

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