राजस्थानी शब्दकोष ऑनलाइन प्रोजेक्ट


प्रोजेक्ट उद्देश्य: वृहत राजस्थानी शब्दकोष को एक वर्ष में ऑनलाइन करके इसकी मोबाइल एप तथा वेबसाइट बनाना

आदरणीय विद्वजन,

भूमिका: भाषा मनुष्य के विकास का सबसे महत्वपूर्ण साधन है। भाषा के माध्यम से ही मानव ने अपना सांस्कृतिक एवं भौतिक विकास किया है, किन्तु इसके साथ ही यह भी सत्य है कि मानव के विकास के साथ भाषा का भी विकास होता है। इस दृष्टि से दोनों का विकास अन्योन्याश्रित है। खुड़द में हुए स्नेह मिलन समारोह में मैंने डॉ. सीताराम जी लालस द्वारा संकलित/संपादित “वृहत राजस्थानी शब्दकोष” को ऑनलाइन करने का एक प्रस्ताव रखा था जिस पर मुझे ध्वनि-मत से स्वीकृति मिली थी। उसी कड़ी में आगे बढते हुए अब मै इस कार्य की रूपरेखा प्रस्तुत कर रहा हूँ। आप सभी से सुझाव आमंत्रित हैं। आप सभी की ओर से मायड़ भाषा राजस्थानी को यह एक नायाब एवं एतिहासिक भेंट होगी जो हमेशा हमेशा के लिए एक यादगार रहेगी और राजस्थानी भाषा प्रेमियों, कवियों, पाठकों एवं छात्रों के लिए एक बहुमूल्य उपकरण सिद्ध होगी। आने वाली पीढियां हमें इस कार्य के लिए याद रखेंगी।

ऑनलाइन शब्दकोष बनकर कैसा लगेगा इसका लगभग अंदाजा आपको गुजराती ऑनलाइन शब्दकोष “भगवद-गोमंडल” को देखकर लग जाएगा। इसके लिए आप यहाँ क्लिक करें

कार्य का परिमाण: 7772 पृष्ठों के इस वृहत शब्दकोष में कुल लगभग 2,50,000 शब्द हैं तथा राजस्थानी भाषा की व्याकरण एवं साहित्य की भी विस्तृत जानकारी है। ऑनलाइन करने के लिए सबसे पहले शब्दकोष को डिजिटाइज़ करना होगा जिसके लिए डाटा एंट्री करने का एक ऑनलाइन तंत्र बनाना होगा जहां एक अधिकृत यूजर लॉग-इन करके शब्दों को टाइप कर सके। हर शब्द को अलग अलग भागों (मूल शब्द, शब्द प्रकार – संज्ञा, सर्वनाम इत्यादि, शब्दार्थ, उत्पत्ति, पर्यायवाची, मुहावरे, कहावतें, रेफ़रेंस, शब्द प्रयोग आदि) में तोड़ कर उनके लिए बनाये गए अलग अलग फील्ड में टाइप करना होगा जो काफी जटिल एवं समय लेने वाला कार्य है।

ओसतन एक व्यक्ति एक दिन में 100 शब्द तक की डाटा-एंट्री शब्द-विन्यास के साथ कर पायेगा ऐसा मेरा अनुभव के आधार पर आंकलन है। (2,50,000 / 100 = 2,500) अतः इस गति से एक व्यक्ति के लिए यह करीब 2,500 दिनों की डाटा-एंट्री का कार्य है। यदि एक वर्ष में हम 300 कार्यदिवस मान कर चलें तो (2,500 / 300 = 8.3) अर्थात एक वर्ष में 300 कार्य-दिवस के आधार पर एक व्यक्ति के लिए यह कार्य लगभग 8 वर्ष का है और इसी आधार पर यदि 8 व्यक्ति इस कार्य को एक साथ करें तो वे इसे एक वर्ष में पूर्ण कर सकते हैं।

डाटा-एंट्री होने पर उसे एक-दो बार एडिटिंग / प्रूफ रीडिंग करके प्रमाणिक करना होगा। तत्पश्चात इसके ऑनलाइन-शब्दकोष का सॉफ्टवेयर बनेगा तथा इसकी मोबाइल एप (एंड्राइड और आईफ़ोन पर) बनेगी।

खर्च का आंकलन: 8 लोगों की एक वर्ष की सैलेरी @15000/- प्रति माह प्रति व्यक्ति (कंप्यूटर तथा ऑफिस/सीट खर्च सहित) के हिसाब से 12 लाख रुपये तथा सॉफ्टवेयर (ऑनलाइन वेब एवं मोबाइल एप) बनाने का समस्त व्यय लगभग 2 लाख रुपये और होस्टिंग सर्वर/बैंडविड्थ इत्यादि को मिलाकर लगभग 15 लाख रुपयों का समस्त प्रोजेक्ट खर्च का मेरा आंकलन है।

तकनिकी फील्ड में मैं पिछले 28 वर्ष से सेवारत हूँ तथा देश विदेश में मैंने बड़े बड़े प्रोजेक्ट किये हैं उस नाते मुझे अपने आंकलन पर पूर्ण विश्वास है फिर भी मेरा भरसक प्रयास रहेगा कि इस प्रोजेक्ट को जितना हो सके कम से कम व्यय करते हुए पूर्ण करूं। यदि इसमें कुछ भी राशि बच पायी तो उसका इस्तेमाल वेबसाइट को होस्ट करने के लिए सर्वर के किराये के रूप में तथा राजस्थानी भाषा के विकास से सम्बंधित ही किसी कार्य में समायोजित किया जाएगा।

कार्य योजना: अब 15 लाख की राशि जुटाने का कार्य सर्वप्रथम है। राशी बहुत अधिक नहीं है। यदि सिर्फ 150 दानदाता भी 10,000 रुपये प्रति व्यक्ति जमा करे तो यह राशि इकट्ठी हो जाएगी। यह ओसत आंकलन है। कोई इससे कम या इससे अधिक भी जमा करता है तो स्वागत है। अपनी श्रद्धा एवं सामर्थ्य के अनुसार आप अपने योगदान का निर्णय करें।

में अपनी ओर से इस मुहिम के लिए 21,000/- के अंशदान से शुरुआत करता हूँ। जो भी इसमें योगदान देना चाहे अपना नाम admin@charans.org पर मेल द्वारा सूचित करें अथवा नीचे कमेंट में लिखें। सम्पूर्ण जमा तथा खर्च का एक दिन पहले तक का हिसाब वेबसाइट पर डिस्प्ले किया जाएगा जिसे कोई भी कभी भी पढ़ सकेगा।

उपरोक्त कार्य योजना के बारे में आप सभी विद्वजन अपनी राय से मुझे admin@charans.org पर मेल द्वारा अथवा नीचे कमेंट लिखकर अवगत जरूर करें तथा अधिक से अधिक संख्या में इस पुनीत कार्य के भागीदार बनें।

Note: ऊपर प्रस्तावित 15 लाख का खर्च इस कार्य को एक वर्ष में पूरा करने के लिए है। यदि इतनी राशि नहीं आती है तो इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने में लगने वाला समय बढ़ जाएगा किन्तु प्रोजेक्ट हर हालत में गतिशील रहेगा।

सादर आभार
मनोज मिश्रण (गाँव मोलकी, जिला बारां, राजस्थान)
(Admin – www.charans.org)


सामान्य प्रश्न अथवा जिज्ञासाएं (FAQs)

प्रश्न: डिजिटाइज़ करने और ऑनलाइन करने में क्या अंतर है?
उत्तर: डिजिटाइज़ करने का का अर्थ है किसी भी पुस्तक अथवा रचना को इलेक्ट्रॉनिक फॉरमेट में बदलना और ऑनलाइन करने का अर्थ है इस पुस्तक के डिजिटल फॉरमेट को इन्टरनेट के माध्यम से आम जनता को उपलब्ध करवाना। किसी भी प्रकाशित पुस्तक को मात्र स्कैन करके उसकी पीडीएफ बनाकर डिजिटाइज़ किया जा सकता है। किन्तु इस पीडीएफ में किसी शब्द को खोजने का कोई सीधा तरीका नहीं होता तथा इसकी साइज़ भी बहुत अधिक होती है। किसी सामान्य पुस्तक को डिजिटाइज़ करके ऑनलाइन करना आसान है क्योंकि उसे हम प्रथम पेज से अंतिम पेज तक पढ़ते हैं अतः सिर्फ स्कैन करके पीडीएफ बनाने मात्र से ही बात कुछ हद तक बन जाती है किन्तु शब्दकोष में ऐसा नहीं होता। शब्दकोष में हम पहले किसी शब्द विशेष को ढूंढते हैं तत्पश्चात उसका अर्थ पढ़ते हैंअतः एक शब्दकोष को ऑनलाइन करने के लिए हर एक शब्द को उसके विन्यास के साथ डेटाबेस में फीड करके उसको सर्च करने का तंत्र विकसित करना होता है। अतः एक सामान्य पुस्तक की अपेक्षा शब्दकोष को ऑनलाइन करना अत्यधिक श्रमसाध्य और चुनौतीपूर्ण कार्य है।

प्रश्न: क्या इस शब्दकोष में “वृहत राजस्थानी सबद कोस” से अतिरिक्त भी शब्दों को जोड़ने की व्यवस्था रहेगी?
उत्तर: हालाँकि प्रथम चरण में सिर्फ “वृहत राजस्थानी सबद कोस” के ढाई लाख शब्दों को ही जोड़ा जाएगा तथापि नए शब्दों को जोड़ने तथा पुराने शब्दों में भी और अधिक उदाहरण अथवा जानकारी जोड़ने की पूर्ण व्यवस्था रहेगी।

प्रश्न: इस प्रोजेक्ट की प्रस्तावित लागत 15 लाख में क्या-क्या कार्य सम्मिलित है?
उत्तर: 15 लाख की प्रस्तावित लागत में निम्न कार्य सम्मिलित हैं:

  • शब्दकोष के शब्दों को उनके विन्यास (मूल शब्द, शब्दार्थ, शब्द प्रकार – संज्ञा, सर्वनाम इत्यादि, उत्पत्ति, पर्यायवाची, मुहावरे, कहावतें, रेफ़रेंस, शब्द प्रयोग आदि) की अलग-अलग फील्ड में डाटा एंट्री करने एवं प्रूफ रीडिंग और एडिटिंग करने का ऑनलाइन तंत्र (सॉफ्टवेयर) विकसित करना।
  • सभी लगभग 2,50,000 शब्दों की उनके विन्यास के अनुरूप डाटा एंट्री। यह कार्य सबसे अधिक समय लेने वाला कार्य है।
  • जो भी डाटा उपरोक्त व्यवस्था से ऑनलाइन अपडेट हो गया हो उसकी प्रूफ रीडिंग तथा एडिटिंग। यह भी काफी श्रमसाध्य कार्य है।
  • शब्दकोष की ऑनलाइन वेबसाइट को विकसित करना, जिसमे शब्द को टाइप करने एवं ढूँढने की व्यवस्था होगी और बटन दबाते ही शब्द का अर्थ उसके समस्त विन्यास के साथ डिस्प्ले होने की व्यवस्था होगी। रेफरेन्स के लिए आप देख सकते हैं गुजराती भाषा का शब्दकोष भगवदगोमंडल (www.bhagvadgomandal.com)। यह वेबसाइट भी इसी प्रकार की बनेगी।
  • शब्दकोष की एंड्राइड और आई-फ़ोन पर एक मोबाइल एप बनेगी जिसको आप अपने मोबाइल में इनस्टॉल करके कभी भी शब्दकोष का उपयोग कर पाएंगे। इसके लिए इन्टरनेट का होना अनिवार्य होगा।
  • कम से कम 2 वर्ष तक का इंफ्रास्ट्रक्चर (इन्टरनेट सर्वर तथा डोमेन) का किराया एवं रखरखाव भी इसी में अन्तर्निहित है। तत्पश्चात यह व्यवस्था ऑनलाइन विज्ञापन आदि के माध्यम से स्वपोषित हो जाएगी।

प्रश्न: यदि 15 लाख रुपयों की व्यवस्था नहीं हुई तो प्रोजेक्ट का क्या होगा?
उत्तर: प्रोजेक्ट फिर भी गतिशील रहेगा किन्तु इसको पूरा होने में समय अधिक लग जाएगा। जैसा कि ऊपर बताया जा चुका है, यदि केवल एक व्यक्ति इस पूरे कार्य को करे तो उसे 8 वर्ष का समय लगेगा। उपरोक्त लागत सिर्फ इस 8 वर्ष के कार्य को एक वर्ष में पूर्ण करने के लिए आएगी। यदि कलेक्शन कम हुआ तो 8 की जगह कम लोगों के द्वारा कार्य को करवाया जाएगा किन्तु कार्य कभी रुकेगा नहीं। इसे पूर्ण करने के लिए में वचनबद्ध हूँ। में अकेला करूंगा तो 8 वर्ष में इसे पूर्ण कर ही दूंगा।

प्रश्न: क्या इस कार्य को सिर्फ वालंटियर्स के द्वारा ही नहीं करवाया जा सकता?
उत्तर: यह संभव है तथा इसकी पूर्ण कोशिश की जाएगी। जितना भी कार्य वालंटियर्स द्वारा हो सकेगा वो उन्ही से करवाया जाएगा और इस कारण जो भी रुपया बच सकेगा उसे भाषा विकास के ही मद में अथवा इंफ्रास्ट्रक्चर के किराए के लिए आगे की योजना में समायोजित किया जाएगा।

प्रश्न: इस ऑनलाइन शब्दकोष के पूर्ण रूप से बन जाने के पश्चात इस पूरे तंत्र पर किसका अधिकार रहेगा?
उत्तर: चूँकि इस कार्य को क्राउड सौर्सिंग के जरिये करवाया जा रहा है अतः इस पर आम पब्लिक का अधिकार होगा। CHARANS.ORG एक संरक्षक की भूमिका में इसे आगे चलाने के लिए कटिबद्ध है किन्तु आम राय से इसके आगे की योजना का निर्धारण होगा। यदि कोई सरकारी संस्थान जो राजस्थानी भाषा के विकास के लिए विशेष रूप से कार्य कर रहा होगा और वो इस तंत्र के विकास के लिए अथवा इसे आगे चलाने के लिए उत्सुक होगा तो सहर्ष इस पूरे तंत्र को उन्हें भी सौंपा जा सकता है।

प्रश्न: क्या इस ऑनलाइन शब्दकोष एवं इसके तंत्र का कोई भी व्यावसायिक उपयोग होगा?
उत्तर: नहीं। यह प्रोजेक्ट पूर्ण रूप से राजस्थानी भाषा के शोधार्थियों, छात्रों, कवियों, साहित्यकारों, रचनाकारों एवं आम पाठकों के उपयोग के लिए है और इसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं होगा। इस तंत्र को ऑनलाइन उपयोग करने के लिए कोई फीस नहीं होगी।

प्रश्न: इस प्रोजेक्ट के लिए सहायता राशी किस अकाउंट में भेजनी होगी?
उत्तर: सहायता राशी भेजने के लिए आप निम्न NGO (Kitaab Club) के अकाउंट का इस्तेमाल करें। यह NGO, 80-G के अंतर्गत इनकम-टैक्स विभाग से छूट प्राप्त है अतः सहायता राशी की रसीद पर आप टैक्स रिबेट भी पा सकेंगे। ऑनलाइन पेमेंट करने के लिए आप सीधे इस लिंक पर क्लिक करें  तथा “Donate Now” बटन दबाएँ। यदि बैंक से सीधे NEFT/RTGS द्वारा ट्रान्सफर करना चाहें तो निम्न अकाउंट डिटेल का उपयोग करें:

  • Account Name: Kitaab Club
  • Account Type: Current Account
  • Account Number: 35926343823
  • Bank Name: State Bank of India, Baran
  • IFSC Code: SBIN0010490

प्रश्न: किताब क्लब कौनसा NGO है तथा इसका charans.org एवं इस प्रोजेक्ट से क्या सम्बन्ध है?
उत्तर: उक्त NGO (किताब क्लब) की संस्थापिका एवं प्रेसिडेंट सुश्री स्नेहा मिश्रण है। इस NGO के बारे में समस्त जानकारी इसकी वेबसाइट www.kitaab.com पर उपलब्ध है। चूँकि यह NGO इनकम-टेक्स विभाग से 80-G के तहत छूट प्राप्त है तथा उसी नाते यह संस्थागत रूप से पूर्ण पारदर्शिता के साथ कार्यरत है अतः सहायता राशि एकत्रित करने के लिए इसका उपयोग किया गया है। इस NGO के Objective भी किताब, लाइब्रेरी एवं समाज में पढने की आदत जाग्रत करने के कार्यों से सम्बंधित है अतः शब्दकोष निर्माण के कार्य को भी इसी Objective के अंतर्गत आसानी से रखा जा सकेगा। इसका प्रतिवर्ष ऑडिट होता है तथा इसकी ऑडिट रिपोर्ट भी देखी जा सकेगी।

प्रश्न: उक्त प्रोजेक्ट में हुए जमा-खर्च एवं कार्य की प्रगति की पारदर्शिता कैसे रखी जाएगी?
उत्तर: समस्त जमा-खर्च एवं कार्य की प्रगति को इसी पेज पर ऑनलाइन प्रदर्शित किया जाएगा जिसे कोई भी किसी भी समय देख सकता है। प्रोजेक्ट के आरम्भ से लेकर पिछले दिन तक के सारे आंकड़े हर समय यहाँ उपलब्ध रहेंगे।


प्रोजेक्ट बुक्स (जमा – खर्च)


Donations Recieved (जमा)

क्रमांक
S.N.
नाम
Name
वायदा राशि
Aamount Committed
प्राप्ति दिनांक
Received Date
प्राप्त राशि
Amount Received
1.मनोज मिश्रण21,000
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8.
9.
10.

Expenses (खर्च)

क्रमांक
S.N.
दिनांक
Date
खर्च विवरण
Description
खर्च राशी
Expense Amount
1.
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5.

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