आजादी री ओट अठै…

आजादी री ओट अठै।
पल़र्या देखो झोट अठै।
अभिव्यक्ति री ओट ओल़ावै, पसर रही नित खोट अठै।।

भाषा रो पोखाल़ो कीनो।
संस्कृति नै पाणी दीनो।
भरी सभा में भलां देखलो, शिशुपाल़ रो मारग लीनो।।[…]

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अमर रहे गणतन्त्र हमारा – राजेश विद्रोही

भाई का दुश्मन है भाई
मन्दिर मस्जिद हाथापाई
हिन्दुस्तानी सिर्फ रह गये
हिन्दू मुस्लिम सिक्ख इसाई
कौमी यकजहती रोती है
गया भाड़ में भाईचारा।
मगर हमें इन सब से क्या है
अमर रहे गणतंत्र हमारा।।[…]

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सिरोल़ै सतरंगिये तारां

सहरां री चकाचौंध सूं,
साव अजाण्यो,
धोरां मगरां
डगरां डगरां
राख छाणनै पाणी छाण्यो।
हेली रै हलकारै
जिथिये,
निरभै रैवण
बोल सांभल़्यो,[…]
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ठग्गां रो मिटसी ठगवाड़ो

गीत-जांगड़ो

सरपंची रो मेल़ो सजियो, भाव देखवै भोपा।
धूतां धजा जात री धारी, खैरूं होसी खोपा।।1

दूजां नै दाणो नीं दैणो, एक समरथन आपै।
वित लूटण मनसोबा बांधै, जनहित झूठा जापै।।2[…]

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जिंदगी

कर रहा हूँ यत्न कितने सुर सजाने के लिए
पीड़ पाले कंठ से मृदु गीत गाने के लिए
साँस की वीणा मगर झंकार भरती ही नहीं
दर्द दाझे पोरवे स्वीकार करती ही नहीं
फ़िर भी हर इक साज से साजिन्दगी करती रही
ऐ जिंदगी ताजिंदगी तू बन्दगी करती रही।[…]

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सरपंची सौरी कोनी है

घर में बड़तां ई घरवाळी,
बर-बर आ बात बतावै है।
जो दिन भर सागै हांडै है,
बै रात्यूँ घात रचावै है।

वो बाबै वाळो बालूड़ो,
अबकाळै आँटो चालै है।
सरपँच बणबा नैं साच्याणी,
सोहन रै सड़फां चालै है।[…]

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