आवड़ वन्दना – जोगीदान जी कविया सेवापुरा

।।छन्द नाराच।।
सुचित्त नित्त प्रत्ति व्है शिवा सकत्ति सम्भरै
सुधर्म कर्म ज्ञान ध्यान मर्म खोजते फिरै
तमाम रात दीह जाम नाम ले बितात है
सुपात मात आवड़ा जगत्त में विख्यात है।१।

बहन्न सात एक साथ व्योम पाथ ऊतरी
अछेह नेह देह मामड़ा सुगेह में धरी
कथा अशेष देश देश में विशेष गात है
सुपात मात आवड़ा जगत्त में विख्यात है।२। […]

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आवड़ आराधना रो गीत

।।गीत त्रिकुटबंध।।
अनुपम्म तन धिन आवड़ा,
महि अवतरी घर मामड़ा,
भावड़ा सुधमन देख भगती, सगत रूपां सात।
जयो सगत जूनी जोगणी,
भल जगत ख्यातां तो भणी
विपत मचियण पात वचियण।
गुणण रचियण गीत गुणियण।
जणण जपियण सयल़ जण जण।
करत कवियण साद सुणियण।
संकट भंजियण बहै सचियण।
सजण आसण सिघ सोहण।
चढण जोगण चसण चखियण।
करण अरियण कोप कण कण। हितू सिर रख हाथ।। १[…]

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आवड वंदना – त्रिकूटबंध गीत

।।गीत-त्रिकूट बंध।।
मन रंग थळ री मावडी,
नरपत उदधि भव नावडी,
शिणगार सोळह सजै सुंदर, लाख नव संग लेय।
अगवाण नाचै आवडा,
मन मोद कर धी मामडा,
धर चाप पद शुभ धरणि धसकत।
घुघर घण रव घमम घमकत।
ठमक ठम ठम रमत ठमकत।
फरर फर फर वसन फरकत।
चमक दुति जिम चपल चमकत।
विविध नभ शुभ सुमन वरसत।
नमन सुर नर करत निरखत।
नयण दरसण करत नित प्रत। देवी आणंद देय।।1।।[…]

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आवड वंदना

🌹छंद त्रिभंगी🌹

लखनव अगवाणी, हे सुररांणी, मां महरांणी, कल्यांणी।
कर खडग कृपाणी, जोगण जांणी,शिव पटराणी, वाखाणी।
धोरां धणियांणी, निरमल वांणी, वीणापाणी, वरदाया।
जोगण जाळेची, चाळकनेची,नमो नभेची, महमाया॥1
जय नमो नभेची सुरराया। […]

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