विश्वासां रै गळै कटारी

जूत्यां में पगथळियां वांरी, कियां कटाणी, आ सीखां।
विश्वासां रै गळै कटारी, कियां चलाणी, आ सीखां।

लज्जा रै चिळतै लूगडि़यै, पैबंदां रै जाळ फंसेड़ी।
(इण) कारी वाळी नैं महतारी, नहीं बताणी, आ सीखां।

गाळ, ओळमा, जूत्यां, जूठण, खाता आया, खा लेस्यां
पण इणनै खुद री फनकारी, कियां बताणी, आ सीखां।

गरज गधै नै बाप कहावै, कै’ता आया, कै लेस्यां
गरज सर्यां पाछै गद्दारी, कियां दिखाणी, आ सीखां।

पढ-पढ पोथा, आखर थोथा, जो था सीख्या, बै मोथा
बिन पढियां सेवा सरकारी, किम हथियाणी, आ सीखां।

~~डॉ गजादान चारण शक्तिसुत

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